अरब देशों के लिए अपेक्षित आर्थिक विकास दर 2022 में बढ़कर 5.4 फीसदी हो जाएगी: अरब मोनेटरी फण्ड

अबू धाबी, 18 अगस्त, 2022 (डब्ल्यूएएम) -- अरब मोनेटरी फण्ड (AMF) द्वारा आज जारी अरब आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट (AEOR) के सत्रहवें संस्करण के अनुसार, तेल की बढ़ती कीमतों, अरब तेल निर्यातक तेल आउटलुक पूर्वानुमान देशों में उत्पादन में वृद्धि व विकास को बढ़ावा देने वाले सुधारों की निरंतरता तेल आउटलुक पूर्वानुमान के कारण अरब देशों के लिए अपेक्षित आर्थिक विकास दर 2022 में बढ़कर 5.4 फीसदी हो जाएगी। AEOR ने उल्लेख किया कि स्थानीय और वैश्विक मुद्रास्फीति दबावों के कारण अरब देशों को 2022 में अपेक्षाकृत उच्च मुद्रास्फीति दर का सामना करने की उम्मीद है। रिपोर्ट ने संकेत दिया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और उच्च वस्तु कीमतों से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रही है, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के बारे में चिंता जताते हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों तेल आउटलुक पूर्वानुमान ने जनवरी 2022 में जारी वैश्विक आर्थिक विकास के लिए अपने पूर्वानुमान कम कर दिए हैं। रिपोर्ट में 2022 और 2023 के लिए अरब अर्थव्यवस्थाओं के लिए व्यापक आर्थिक पूर्वानुमान, विकास और मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान शामिल हैं। यह अनुमान है कि अरब देशों में विकास पथ 2022 और 2023 के दौरान महत्वपूर्ण कारकों से प्रभावित होंगे, जिसमें अरब अर्थव्यवस्थाओं पर हालिया वैश्विक विकास का प्रभाव, व्यापक आर्थिक नीतियां और वित्तीय पैकेजों की निरंतरता और कोविड-19 के नतीजों पर उनका प्रभाव शामिल है। एक समूह के रूप में अरब अर्थव्यवस्थाओं की विकास दर 2022 में लगभग 5.4 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान है, जो 2021 में लगभग 3.5 फीसदी से महत्वपूर्ण वृद्धि है। कई कारकों ने इस वृद्धि में योगदान दिया है, जिसमें वैश्विक मांग में सापेक्ष सुधार और उच्च क्षेत्रीय विकास दर शामिल हैं। आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को लागू करने और आर्थिक विविधीकरण को बढ़ाने, व्यावसायिक वातावरण में सुधार, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और आर्थिक लचीलापन में सुधार करने के उद्देश्य से भविष्य के दृष्टिकोण और रणनीतियों को अपनाने का सकारात्मक प्रभाव भी है। फिर भी AMF को उम्मीद है कि वैश्विक आर्थिक विकास, तेल आउटलुक पूर्वानुमान कमोडिटी की कीमतों में गिरावट और विस्तारवादी राजकोषीय व मौद्रिक नीतियों से धीरे-धीरे बाहर निकलने के कारण 2023 में अरब देशों तेल आउटलुक पूर्वानुमान की आर्थिक वृद्धि धीमी होकर लगभग 4.0 फीसदी हो जाएगी। अरब दुनिया में तेल-निर्यातक देशों को "ओपेक+" समझौते के भीतर तेल उत्पादन मात्रा में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपेक्षाकृत उच्च तेल और गैस की कीमतों से 2022 तक लाभ होगा, जो विकास को बढ़ाने के लिए सार्वजनिक खर्च का सहयोग करेगा। कुल मिलाकर अरब तेल उत्पादकों के 2022 में 3.2 फीसदी की तुलना में 2022 में 6 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, जबकि तेल की कीमतों में 2023 में गिरावट की उम्मीद है। GCC देशों को 2022 में 6.3 फीसदी की अपेक्षाकृत उच्च विकास दर दर्ज करने की उम्मीद है। जबकि 2023 में आर्थिक विकास दर घटकर 3.7 फीसदी रह जाएगी। जहां तक अन्य अरब तेल निर्यातकों का संबंध है, उन्हें ओपेक+ समझौते के अंतर्गत उत्पादन मात्रा में वृद्धि और अपनी विकास दर बढ़ाने के लिए वैश्विक तेल कीमतों तेल आउटलुक पूर्वानुमान में वृद्धि से लाभ होगा। उन्हें 2022 में 4.6 फीसदी हासिल करने की तेल आउटलुक पूर्वानुमान उम्मीद है, जो 2021 में 3.1 फीसदी से अधिक है। हालांकि कारोबारी माहौल की तेल आउटलुक पूर्वानुमान चुनौतियों के चलते उनकी विकास दर अगले साल घटकर 3.9 फीसदी पर आ जाएगी। तेल आयात करने वाले अरब देशों तेल आउटलुक पूर्वानुमान को अपनी आंतरिक और बाहरी संतुलन चुनौतियों के कारण 2021 में 2.7 फीसदी की वृद्धि दर की तुलना में 2022 में 4.1 फीसदी की मध्यम विकास दर हासिल करने की उम्मीद है। हालांकि, समूह के देशों की आर्थिक विकास दर में एक सापेक्ष सुधार 2023 में 4.6 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है, जो समग्र मांग के स्तर में सुधार और सार्वजनिक बजट पर दबाव में धीरे-धीरे कमी और कमोडिटी की कीमतों में अपेक्षित गिरावट के कारण भुगतान संतुलन के कारण है। AMF को उम्मीद है कि 2022 के दौरान कुछ अरब देशों में मुद्रास्फीति की दर अपेक्षाकृत उच्च स्तर तक पहुंच जाएगी, जो खाद्य कीमतों में वृद्धि, ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और मुद्रास्फीति के दबाव में वृद्धि सहित कारकों द्वारा लाया गया है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन से संबंधित कृषि उत्पादन परिवर्तन कुछ देशों में सामान्य कीमतों को भी प्रभावित करेंगे। इस प्रकार अरब देशों की मुद्रास्फीति दर 2022 में 7.6 फीसदी और 2023 में 7.1 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। अनुवाद - एस कुमार.

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