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Dry Fruits Benefits in Hindi – ड्राई फ्रूट्स के फायदे

जैसा की हम जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स (Dry Fruits Benefits in Hindi) का प्रयोग आमतौर पर स्नैक्स और मिठाई बनाने में किया जाता है। यह एक ज्ञात तथ्य है कि डॉक्टर्स और स्वास्थ्य सलाहकार हमें सलाह देते हैं कि- हमें रोजाना ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए, क्योकि ड्राई फ्रूट्स आवश्यक पोषक तत्वों का भरपूर भण्डार होते हैं और हमें कई सारी गंभीर बीमारियों से दूर रखते हैं। पर क्या हम जानते हैं की इसके क्या क्या फायदे हो सकते हैं ? आइये इस लेख की सहायता से हम ड्राई फ्रूट्स और इनके सभी अन्य फायदों के बारे में और अधिक जानते हैं/ और अधिक नॉलेज ड्राई फ्रूट्स के बारे में।

ड्राई फ्रूट्स क्या होते हैं

भारतीय खाने पीने के काफी ज्यादा शौकीन होते हैं और हों भी क्यों ना, भारत में हर मौसम में कुछ न कुछ ख़ास चार्ट में ड्रिल खाने को जो मिलता है,जैसे की – मिठाइयां, स्नैक्स, खीर इत्यादि, इन सभी में ही ड्राय फ्रूट्स का प्रयोग किया जाता है। ड्राई फ्रूट्स को हिंदी में सूखेमेवे के नाम से भी जाना जाता है। ड्राई फ्रूट्स फल होते है जिसमें से अधिकांश जल को प्राकृतिक रूप से, सूर्य के प्रकाश के माध्यम से,या डीहाइड्रेटर्स के उपयोग के माध्यम से हटा दिया जाता है। ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन, विटामिन, खनिजों, फाइबर और उच्च कैलोरी स्नैक्स का एक आदर्श स्रोत हैं। डॉक्टर्स और स्वास्थ्य सलाहकार सुझाव देते हैं कि आप अपने आहार में निम्नलिखित ड्राई फ्रूट्स अवश्य शामिल करें:

1.बादाम (Almond)

बादाम को dry fruits का राजा कहा जाता है क्यूंकि इसमें कई प्रकार के प्रोटीन, Fiber और useful Fatty Acids होते है। बादाम traditional sneaks के लिए एक स्वस्थ विकल्प है। बादाम एंटी-ऑक्सीडेंट्स में समृद्ध होते हैं और इसमें Zero Cholestrol होता है। यह बालों, त्वचा और दांतों के लिए फायदेमंद होने के अलावा कब्ज, Respiratory issues और heart disease से राहत प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

2. काजू (Cashews)

काजू health के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं और Vitamin E और B-6 का समृद्ध स्रोत होते हैं। इसके अलावा ये कई खाद्य पदार्थों के साथ उनका texture और स्वाद (Taste) लाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

3. किशमिश (Raisins)

किशमिश dehydrated अंगूर से बने होते हैं और चार्ट में ड्रिल मीठे और स्वादिष्ट दोनों प्रकार के भोजन को बनाने में उपयोग किए जाते हैं। किशमिश स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती हैं और Acidity को कम करने और digestion में मदद करने के लिए जाने जाते हैं।

4. अखरोट (Walnuts)

अखरोट बहुत पौष्टिक होते हैं।अखरोट Omega -3, Fatty Acids, Fiber, प्रोटीन, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, Vitamins और Minerals का भरपूर स्रोत होता है।

5. पिस्ता (Pistachios)

पिस्ता विटामिन-E का समृद्ध स्रोत होता है। पिस्ता Heart के लिए अच्छा होता है, क्योंकि यह खराब कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol) के स्तर को कम करने में मदद करता है। यह Diabetes को रोकने और Immunity को बढ़ाने में भी help करता है ।

6. खजूर (Dates)

इनका उपयोग विभिन्न प्रकार के sweet dishes में किया जाता है और इन्हें खाया भी जा सकता है। यह विटामिन, प्रोटीन, खनिजों और Natural Sugar का भरपूर स्रोत होता है। खजूर, एनीमिया के इलाज के अलावा कब्ज से राहत प्रदान करता है।

7. खुबानी (Apricots)

खुबानी (Apricot) से हमें daily need का 47% vitamin A मिलता है। यह Potassium, Vitamin E,Copper का अच्छा स्रोत होता है। यह अधिकतर गर्मियों में खाया जाता है क्योंकि यह हमें sun heat से बचाता है और skin, eyes और Immune System के लिए अच्छा होता है।

ड्राई फ्रूट्स के फायदे- Dry Fruits Benefits in Hindi

ड्राई फ्रूट्स प्रोटीन, विटामिन, खनिज और Fiber का प्रचुर स्रोत होते हैं। त्वचा लाभ से लेकर औषधीय लाभ तक, ड्राई फ्रूट्स और नट्स आपको अपने आहार में शामिल करने का हर कारण प्रदान करते है। ड्राई फ्रूट्स के कुछ फायदे (Dry fruits ke fayde) निम्नलिखित हैं:

1. हृदय रोगों से बचाव

ड्राई फ्रूट्स Coronary heart Diseases और Cardiovascular problems से बचाव करते हैं।

  • काजू में mono-saturated fats होता है जो cardiovascular health को बढ़ावा देता है।
  • जबकि पिस्ता में Vitamin B6 होता है जो Heart Problems से बचाता है
  • खजूर (Dates) हमें एथेरोस्क्लेरोसिस(Atherosclerosis) से बचाता हैं, जो Strokes का एक प्रमुख कारण होता है।

2. एनीमिया से बचाव – Prevents Anemia

ड्राई फ्रूट्स जैसे Apricots, raisins, और prunes में Iron की अधिक मात्रा होती है जो Anemia से लड़ने और उसकी रोकथाम में help करती है। ड्राई फ्रूट्स में विटामिन और खनिज की भरपूर मात्रा होती है जो weight management का natural solution होता है ।

3. कोलेस्ट्रॉल बनाए रखें

ड्राई फ्रूट्स आपके दैनिक आहार में एक आवश्यक हिस्सा होते हैं – जो आपके Cholesterol level को बनाए रखने में मदद करते हैं, जबकि काजू में Zero Cholestrol होता है। पिस्ता में Fat होता है जो उच्च Cholesterol के स्तर को कम करने में सहायक होता हैं। किशमिश में Phosphorous,Pottasium और Magnesium होता है जो Blood circulation को बढ़ावा देते हैं। बादाम, किशमिश और पिस्ता की daily dose हमारे Cholestrol level को बनाए रखने में मदद करती हैं।

4. हीमोग्लोबिन स्तर (Haemoglobin Level) में सुधार करें

Prunes में potassium, vitamin A, fiber और copper पाया जाता है जो उच्च ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।जबकि काजू में high copper concentration होता है जो ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है। बादाम, नए blood cells के बनने में सहायता करते हैं और Haemoglobin level को बनाए रखने और सुधारने में बेहद प्रभावी होते हैं।

5. महत्वपूर्ण शारीरिक अंगों के लिए फायदेमंद

ड्राई फ्रूट्स unsaturated fat, Vitamin B, Phosphorus, Copper और Iron का सही मिश्रण होते हैं जो हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के उचित कार्य के लिए अनुकूल होते हैं।

ड्राई फ्रूट्स में है भरपूर कैलोरी, लेकिन खाएं कैलोरी के बारे में जानकर

नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाना कैलोरी का भरपूर स्रोत है। ये सेहत के लिहाज़ से काफी अच्छे होते हैं।

नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाना कैलोरी का भरपूर स्रोत हैं..

नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाना कैलोरी का भरपूर स्रोत हैं..

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नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाना कैलोरी का भरपूर स्रोत है। ये सेहत के लिहाज़ से काफी अच्छे होते हैं। विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर ड्राई फ्रूट्स खाने से तुरंत एनर्जी मिलती है। किसी और वजह से आपको कैलोरी कम चार्ट में ड्रिल लेनी है तो आपको मालूम होना चाहिए कि जो ड्राई फ्रूट्स आप खा रहे हैं उसमें कैलोरी कितनी है। काजू, किशमिश से लेकर अखरोट व अंजीर तक, सभी नट्स और ड्राइफ्रूट्स में अलग-अलग कैलोरी होती है।

नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाते हैं, तो कोशिश करें कि कम कैलोरी वाले का ही चुनाव करें

नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाते हैं, तो कोशिश करें कि कम कैलोरी वाले का ही चुनाव करें

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अगर आप हर रोज़ काफी मात्रा में नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाते हैं, तो कोशिश करें कि कम कैलोरी वाले का ही चुनाव करें। अख़रोट में कैलोरी ज़्यादा है, इसलिए इसे पूरी तरह खाना बंद न कर दें। ये बहुत सी बीमारियों जैसे की हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, दिल की बीमारी के लिए फायदेमंद होता है। इसलिए इसे भी खाएं, लेकिन सीमित मात्रा में। ड्राई फ्रूट के मुकाबले नट्स में कम कैलोरी होती है। इसलिए उन्हें अपनी डायट में ज़्यादा लिया जा सकता है। खजूर में सबसे अधिक कैलोरी होती है, इसलिए उसे बहुत कम ही खाए। जिन लोगों को तुरंत एनर्जी के लिए अधिक कैलोरी चाहिए होती है, वो खजूर को प्राथमिकता दें।

(कैलोरी प्रति एक पीस)
खुबानी - 3.1 कैलोरी
किशमिश - 3.1 कैलोरी
पिस्ता - 4.4 कैलोरी
काजू - 6 कैलोरी
बादाम - 7.9 कैलोरी
अखरोट - 14.4 कैलोरी
अंजीर - 14.8 कैलोरी
खजूर - 76.1 कैलोरी

चार्ट में ड्रिल

2. असिस्टेंट गाइड का काम (Assistant Guide ka kam): सभी मेम्बर अपना पोजीशन लेने के बाद गाइड आदेश देता है "पार्टी कुच कर "! इस आदेश पर नेविगेशन पार्टी अपने गन्तव्य स्थान की ओर चलती है जिसमे असिस्टेंट गाइड का काम इस प्रकार से होता है :

  • यह सबसे आगे होता है !इसके पीठ पे लिमुंस बोर्ड या सफ़ेद कपडा होता है यदि इसे मार्च के दौरान कभी पीछे मुड़ना हो तो इसे चाहिए की लुमिन्स बोर्ड को उतार ले !
  • यह गाइड के सकेत के अनुसार सही बेअरिंग पर चलता है !
  • रस्ते में पड़ने वाले पानी या गड्ढो की गहराई का अनुमान यह अपने हाथ के डंडे से लगता है !
  • यह गाइड से इतना आगे रहता है की जिससे वह गाइड के हर इशारा को सुन व समझ सके !
  • गाइड और असिस्टेंट गाइड की बिच की दुरी जमीनी बनावट और दिखाव तथा परिस्थिति पर निर्भर करता है !
  • यह नेविगेशन पार्टी का कमांडर होता है!नेविगेशन पार्टी की सभी हरकते इसी के संकेत तथा आदेश पर होता है !यह दिखाव और इलाके के लिहाज से असिस्टेंट गाइड के पीछे रहता है !ताकि असिस्टेंट गाइड को उचित संकेत दे सके !
  • इसके दाहिने हाथ में खुला कंपास तथा लुमिन्स स्टिक रहती है ! इस स्टिक से गाइड , असिस्टेंट गाइड के पीठ के बिच में सिधाई लेता हुवा कंपास की सुई को डायरेक्शन मार्क की सीधमें रखते हुए मार्च करता है
  • यदि असिस्टेंट गाइड का रुख दाहिने बाए होता है तो उसे उचित डायरेक्शन दे कर सही दिशा में चलने को इशारा और आदेश देता है !
  • यह एक बाउंड से दुसरे बाउंड के फासले को कदमो में या फीता से नापता है !
  • मार्चिंग चार्ट में मीटरो या गजो में दिए हुए फासले को कदमो में बदलने के लिए आमतौर पर क्रमशः 120 या 132 कदम , 100 गज या 100 मीटर के बराबर होते है !
  • रिकॉर्डर को इस बाद का ध्यान रखना चाहिए की कदमो के फासला को नापते हुए की जब हम निचे की ओर यनी ढलान पर कदम कुछ लम्बे तथा चढ़ाई , रेत, टूटे फूटे जमीन पर चलते समय कदम की लम्बाई कुछ छोटे पड़ते है
  • निश्चित फासला तय हो जाने के बाद रिकॉर्डर को चाहिए की वह गाइड को रोकने का इशारा दे ! नेविगेशन पार्टी रुकने के बाद रिकॉर्डर मार्चिंग चार्ट पर दिए हुए कन्वेंशनल सिग्न को जमीन पर ढूढता है! क्यों की जरुरी नहीं है की निशान नापे हुए जगह पे ही मिल जाये इसके लिए थोडा दाहिने या बाये चलना पड़ सकता है!
  • मैप और जमीनी फासला में थोडा अंतर होता है !
  • कदमो से फासला नापने के कारण जमीनी बनावट के कारण कदम छोटे बड़े पड़ जाना !
  • चलते समय बेअरिंग की दाहिने बाये की गलती !

जैसे की आप जानते है की एक डिग्री दाहिने बाए की गलती एक मिल जाने के बाद 30 गज और 1 किलोमीटर चलने के बाद 17 मीटर का अंतर पड़ जाता है !

बाउंड की खोज करने के बाद नेविगेशन पार्टी अगले बाउंड पर जाने की तैयारी करती है ! गाइड पहले वाले कम्पस को वापस रिकॉर्डर को दे देता है और अगले बाउंड की बेअरिंग वाला कंपास ले लेता है !

Engineering Drawing Symbols List Chart Explain | Mechanical Drawing Symbols List

Geometric Dimensioning & Tolerancing Symbols List Chart Explain: इस पोस्ट में हम जानेंगे Geometric characteristic engineering symbols के बारे मे। दोस्तों इंजीनियरिंग या ITI क्षेत्र में Design, Manufacturing, Machining process, Assembly, Engineering drawing, इत्यादि के लिए इन Mechanical drawing symbols या Geometric characteristic engineering symbols का उपयोग किया जाता है।

हमने निचे Engineering Drawing Symbols, Mechanical Drawing Symbols List and Meanings, Geometric Tolerance Symbols Chart दिया है। जिससे आप Geometric symbols बड़ी आसानी से जान पाएंगे और आप इसका उपयोग इंजीनियरिंग क्षेत्र में कर पाएंगे।

Engineering Drawing Symbols - Geometric Tolerance Symbols Chart

Geometric Dimensioning and Tolerancing Symbols list and Chart (GD&T Symbols) निचे दिये गए इमेज द्वारा दिया है।

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तो दोस्तों ये थी Geometric Dimensioning and tolerancing Symbols, Engineering drawing symbols की list और Chart. उम्मीद करते है की इससे आपको Engineering क्षेत्र में design, drawing, manufacturing, machining process, assembly इत्यादि. के चार्ट में ड्रिल लिए काफी मदद होंगी। और दोस्तों आपको इससे जुडी और कुछ इनफार्मेशन चाहिए तो हमें कॉमेंट्स करके पूछ सकते है।

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कौन-कौन से ड्राईफ्रूट बढ़ा सकते हैं ब्लड शुगर? जानिये डायबिटीज के मरीजों को क्या खाना चाहिए

पिस्ता में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, जिंक, कॉपर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते है।

कौन-कौन से ड्राईफ्रूट बढ़ा सकते हैं ब्लड शुगर? जानिये डायबिटीज के मरीजों को क्या खाना चाहिए

काजू एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है। photo- freepik

डायबिटीज से बचाव करना है तो खान-पान का ध्यान रखना होगा। डायबिटीज के मरीज़ अगर बेस्ट डाइट नहीं लें तो उनकी बॉडी में कमजोरी होने लगती है। बॉडी को हेल्दी और फिट रखने के लिए ड्राईफ्रूट्स का सेवन बेहद फायदेमंद है। सभी ड्राईफ्रूट्स डायबिटीज के मरीज़ों के लिए उपयोगी नहीं है, कुछ ड्राई फ्रूट्स ऐसे होते हैं जिनका सेवन करने से ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।

डायबिटीज के मरीज़ शुगर को कंट्रोल करने के लिए, साथ ही बॉडी को फिट रखने के लिए ऐसे ड्राईफ्रूट्स का सेवन करें, जिनसे शुगर कंट्रोल रहे और बॉडी भी हेल्दी रहें। डायबिटीज खान-पान की खराबी से पनपने वाली ऐसी बीमारी है जिसमें शुगर को कंट्रोल नहीं किया जाए तो और कई बीमारियां परेशान कर सकती है। डायबिटीज के मरीज़ों के लिए ड्राईफ्रूट्स सेफ और हेल्दी ऑपशन हैं, लेकिन सभी ड्राईफ्रूट्स शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद नहीं होते। आइए जानते हैं कि कौन से ड्राईफ्रूट्स ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ा सकते हैं और कौन से शुगर के मरीज़ों को फायदा पहुंचा सकते हैं।

नुकसान पहुंचाने वाले ड्राईफ्रूट्स: किशमिश का सेवन करने से डायबिटीज के मरीज़ों की शुगर बढ़ सकती है, इसलिए शुगर के पेशेंट किशमिश से परहेज करें।

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अंजीर बढ़ा सकती है शुगर: अंजीर शुगर बढ़ा सकती है। एक कप अंजीर में लगभग 29 ग्राम चीनी होती है, जिसका सेवन करने से डायबिटीज के मरीज़ों की शुगर बढ़ सकती है।

शुगर कंट्रोल करने के लिए डायबिटीज के मरीज़ करें इन ड्राईफ्रूट्स को करें डाइट में शामिल

अखरोट का करें सेवन: अखरोट शुगर के मरीज़ों के लिए बेहद फायदेमंद है। विटामिन ई से भरपूर अखरोट में कैलोरी बेहद कम होती है। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल रखता है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि मुट्ठी भर अखरोट खाने से टाइप 2 डायबिटीज को 47 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

बादाम से करें शुगर कंट्रोल: डायबिटीज के मरीजों के लिए बादाम का सेवन फायदेमंद है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आ चुकी है कि बादाम खाने से शरीर में इंसुलिन बनने लगता है, जिससे ब्ल्ड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है।

काजू का करें सेवन: काजू एक ऐसा ड्राईफ्रूट है जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है। काजू का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल ठीक रहता है, जिससे दिल के रोगों का खतरा कम होता है। कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि काजू खाने से डायबिटीज के मरीज़ों की शुगर कंट्रोल रहती है। 2018 के एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने टाइप 2 डायबिटीज वाले 300 प्रतिभागियों को काजू का सेवन करने को दिया। अध्ययन में पाया गया कि काजू खाने वाले मरीजों का ब्लड में शुगर का स्तर कंट्रोल था।

डायबिटीज के मरीज़ करें पिस्ता का सेवन: शुगर के मरीज़ डाइट में पिस्ता का सेवन करें। पिस्ता शुगर के मरीजों के लिए बेस्ट है। पिस्ता में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, जिंक, कॉपर, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो बॉडी को हेल्दी रखते है।

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