पलायन की राह

सरलता की शिक्षा

सरलता की शिक्षा

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। फोटो- इंडियन एक्‍सप्रेस।

समय के साथ शिक्षा का स्तर बढ़ा है और इसमें प्रतियोगिता का भाव आया है। जहां हमने शिक्षा को हंसी-खुशी अपनाया और अपने जीवन में शामिल कर लिया, वहीं दूसरी तरफ आज के विद्यार्थी शिक्षा को खुद के लिए बोझ बना लेते हैं। आज परीक्षा या शिक्षा के साथ विद्यार्थी सहज महसूस नहीं कर पाते हैं।

इसके कई कारण होते हैं या हो सकते हैं। कई बार विद्यार्थियों के स्तर पर और कई बार शिक्षण संस्थानों के स्तर पर। अगर इसके ठोस समाधान की बात करें तो इसके लिए शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को काम करना जरूरी है। शिक्षा और शिक्षण माहौल में कुछ अनुकूल परिवर्तन करके शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है।

दिल्ली मेट्रो के मैजेंटा लाइन पर मेडिकल व्यापारियों को चाहिए सुरक्षा और सुविधाएं सप्लाई ले जा रहा ड्रोन गिरा, कुछ देर के लिए बाधित हुई सेवा

फोटोः IANS

नवजीवन डेस्क

दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन पर जसोला विहार-शाहीन बाग से बॉटनिकल गार्डन के बीच मेट्रो ट्रैक पर रविवार दोपहर चिकित्सा सामग्री ले जा रहा एक ड्रोन गिर व्यापारियों को चाहिए सुरक्षा और सुविधाएं गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से मेट्रो ट्रेनों को बीच रास्ते में रोक दिया गया, जिससे से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। करीब आधे घंटे तक मेट्रो सेवाएं बाधित रहीं।

जानकारी के मुताबिक, ड्रोन जैसे ही जसोला विहार के पास मेट्रो ट्रैक पर गिरा हड़कंप मच गया। खबर मिलते ही दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ और डीएमआरसी के कर्मचारी हरकत में आए और उनकी टीमें उस इलाके में पहुंची जहां ड्रोन गिरा था। इसे सुरक्षित तरीके से मेट्रो की पटरियों से हटाया गया, ताकि सेवाएं फिर से शुरू की जा सकें।

चुंगी लगाकर आम जनता पर बोझ लादा जा रहा : भैया अभिमन्यु

हजारीबाग के व्यवसायी भैया अभिमन्यु प्रसाद का कहना है कि हजारीबाग में आखिर चुंगी क्यों लगाया जा रहा है, यह समझ के परे है. झारखंड में सिर्फ देवघर में सावन माह में चुंगी ली जाती है. लेकिन हजारीबाग में एक नई परंपरा की शुरुआत की गई है. हो सकता है कि सरकार हजारीबाग को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की राह पर है, इस कारण ऐसा किया गया हो. लेकिन चुंगी लगा कर आम जनता पर अतिरिक्त बोझ लादा जा रहा है.

नगर निगम हजारीबाग क्षेत्र में व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर शुल्क की वसूली का बंदोबस्त किया गया है. चुंगी स्थल पर सभी कर्मचारियों को यूनिफॉर्म पहनने को कहा गया है. सभी को आई कार्ड रखना है. वहां बिजली -पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही सभी अलग-अलग वाहनों के प्रकार के लिए रेट चार्ट लगाना अनिवार्य है. वहां सीसीटीवी कैमरा लगाना व्यापारियों को चाहिए सुरक्षा और सुविधाएं है. फर्स्ट एड की व्यवस्था रखनी होगी. साथ ही नगर आयुक्त प्रेरणा दीक्षित ने यह भी निर्देश दिया है कि काम के लिए ज्यादा से ज्यादा कर्मी प्रतिनियुक्त होने चाहिए तथा यह भी सुनिश्चित करें कि वहां ट्रैफिक जाम न हो.

पदाधिकारियों की दलील

पदाधिकारियों का कहना है कि हजारीबाग नगर निगम टैक्स के पैसे से ही क्षेत्र में व्यापारियों को चाहिए सुरक्षा और सुविधाएं विकास का काम करती है. वर्तमान समय में जितना टैक्स नगर निगम को चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है. इस कारण हम लोग टैक्स ले रहे हैं. इसी पैसे से पूरे हजारीबाग इलाके में कई योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा. पदाधिकारी का यह भी कहना है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए हम लोगों ने यह कदम उठाया है. टैक्स भी हम उतना ही ले रहे हैं कि इसका अतिरिक्त बोझ किसी पर नहीं पड़े.

टैक्स बढ़ने पर हजारीबाग चैंबर ऑफ कॉमर्स और बस ओनर एसोसिएशन ने विरोध जताया है और जल्द से जल्द निर्णय वापस लेने की मांग की है. बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जीवन गोप का कहना है कि अगर प्रशासन निर्णय नहीं लेगा, तो हम लोग चक्का जाम तथा हड़ताल कर देंगे. नगर निगम का यह आदेश जनहित में नहीं है और अंततः आम जनता पर ही भार पड़ेगा. वाहन मालिक पहले से ही बढ़ा शुल्क देना पड़ता रहा है. गिरिडीह में दिन भर में एक बार ही ₹40 टैक्स लिया जाता है. वहीं हजारीबाग में हर बार 100 रुपए लेने की शुरुआत की गई है, जो कहीं से तर्कसंगत नहीं है.

आम जनता पर बढ़ेगा टैक्स का बोझ : राकेश ठाकुर

चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राकेश ठाकुर ने भी इसका विरोध किया है. उनका कहना है कि हाल के दिनों में नगर निगम ने टैक्स बढ़ोतरी की और हम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया. फिर से एक नया टैक्स वसूला जा रहा है. आखिर कितना टैक्स नगर निगम लेना चाहती है. अगर सुविधा देखा जाए, तो नगर निगम कुछ देना भी नहीं चाहती है. टैक्स बढ़ाकर वह अपनी आमदनी बढ़ा रही है. इसका अंततः प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा और वह टैक्स के बोझ में दब जाएगा. खाने से लेकर घर बनाने की ईंट तक की कीमत में बढ़ोतरी होगी.

कांग्रेसी नेता डॉ आरसी मेहता ने इस टैक्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हजारीबाग नगर निगम की ओर से नगर प्रवेश पर रघुवर सरकार के समय नगर विकास अधिसूचना संख्या 10/2016 के आलोक मे टेंडर करते हुए झारखंड में मात्र दो जिलों में चुंगी टैक्स लेना तुगलकी फरमान है. हजारीबाग नगर निगम में सुविधा नहीं शोषण किया जा रहा है. टैक्स लिया जाता है, गाय के दूध की तरह, परंतु नगर निगम खून चूसने का प्रयास कर रही है. महंगाई चार गुना, बेरोजगारी आठ गुना और भ्रष्टाचार कई गुना बढ़ा हुआ है. कोरोना महामारी के तंज से हजारीबाग की जनता बेबस है. वाहन खरीदने के समय रोड टैक्स, टोल टैक्स, नगरपालिका टैक्स, होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस टैक्स, जीएसटी, सीएसटी और इनकम टैक्स देती है. उसके बाद भी नगर प्रवेश पर गाड़ियों से तुगलकी टैक्स लेना जले पर नमक छिड़कने जैसा है. यह टैक्स गरीब किसान मजदूर व्यापारी आम जनता से सीधे जुड़ा हुआ है. किसान नगर में अनाज, सब्जी, दूध बेचना छोड़ देंगे, किराया बढ़ने से जनता प्रखंड स्तरीय मार्केटिंग करेंगे, जिससे नगर वासियों एवं व्यापारियों को भारी क्षति होगी. नगर पालिका में महापौर, विधायक और सांसद सभी बीजेपी के हैं. मेयर रोशनी तिर्की की देखरेख में नगर आयुक्त की ओर से यह तुगलकी फरमान लागू किया गया है. झारखंड सरकार को बदनाम करने की नीयत से जिला परिवहन विभाग के बिना सहमति से यह काला कानून थोपा गया है.

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